विशेष सूचना एवं निवेदन:

मीडिया से जुड़े बन्धुओं सादर नमस्कार ! यदि आपको मेरी कोई भी लिखित सामग्री, लेख अथवा जानकारी पसन्द आती है और आप उसे अपने समाचार पत्र, पत्रिका, टी.वी., वेबसाईटस, रिसर्च पेपर अथवा अन्य कहीं भी इस्तेमाल करना चाहते हैं तो सम्पर्क करें :rajeshtitoli@gmail.com अथवा मोबाईल नं. 09416629889. अथवा (RAJESH KASHYAP, Freelance Journalist, H.No. 1229, Near Shiva Temple, V.& P.O. Titoli, Distt. Rohtak (Haryana)-124005) पर जरूर प्रेषित करें। धन्यवाद।

विशेष लेख सीधे मंगवाएं

विशेष लेखों के लिए आप सीधे ईमेल rajeshtitoli@gmail.com अथवा मोबाईल 09416629889 नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं। ................................................... Note : ब्लॉग पर विज्ञापन देने के लिए सम्पर्क करें। प्रारंभिक विज्ञापन दर प्रतिमाह मात्र 1000.00 रूपये (साईज 6"X2") रखी गई है।

शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

कोई भी सन्त किसी एक जाति, कौम, धर्म अथवा मजहब का नहीं होता : राजेश कश्यप



"कोई भी सन्त किसी एक जाति, कौम, धर्म अथवा मजहब का नहीं होता, वह तो सभी के लिए आराध्य एवं पूजनीय होते हैं।" ये विचार हरियाणा कश्यप राजपूत सभा, रोहतक के प्रधान राजेश कश्यप ने सन्त शिरोमणी गुरू रविदास की जयन्ति पर रोहतक में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं समारोहों में व्यक्त किए। श्री कश्यप ने कहा कि यह बड़ी विडम्बना का विषय है कि हमने नीजि स्वार्थों के लिए अपने सभी साधु-सन्तों, ऋषि-मुनियों, महापुरूषों को अलग-अलग जाति, कौम, धर्म एवं मजहब में बांट लिया है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें इस कुप्रवृत्ति को जड़ से मिटाकर हर महापुरूष की जयन्ति न केवल सामूहिक रूप से और धूमधाम से मनाई जानी चाहिए, बल्कि उस महापुरूष के दिखाए मार्गों, शिक्षाओं और सिद्धान्तों को भी ग्रहण करना चाहिए तथा उन पर अमल करना चाहिए। श्री कश्यप ने कहा कि सन्त शिरोमणी रविदास ने समाज को सच्ची निष्ठा के साथ अपना कर्म करने की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि सन्त रविदास के अनुसार, "मन चंगा तो कठौती में गंगा" अर्थात् यदि व्यक्ति का मन साफ है और उसके अन्दर परोपकार की पवित्र भावना है तो उसे दुनिया हर सुख एवं सम्मान नसीब होता है तथा उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्री राजेश कश्यप ने कहा कि हम जो भी काम करें, चाहे वो मजदूरी हो, व्यवसाय हो, व्यापार हो, खेतीबाड़ी हो या फिर नौकरी, हमें पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।